हनुमान जयंती तिथि, मुहूर्त, पूजा ऋद्धि आई है..

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पहली बार 23 नवंबर, 2022 को दोपहर 1:37 बजे IST प्रकाशित हुआ

अररेरे, इत्तीचेगशेत्मी हुनुमान जयंति बुखारिधन्ति अगले एक वर्श वायथा यद्या अच्चरी पडेडी। इसलिए हुई उत्तर भारत की हनुमान जयंती। वहां चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती मनाई जाती है। हालांकि, कर्नाटक में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष त्रयोदशियुद्ध श्री हनुम्य जयंती मनाई जाती है। तो इस बार हनुमान जयंती दिसंबर में कर्नाटक में आएगी। कर्नाटक में इस दिन को हनुमान व्रत के नाम से जाना जाता है।

हनुमान जयंती तिथि
श्री हनुमान जयंती कर्नाटक – सोमवार 5 दिसंबर 2022
तमिल हनुमति जयंती शुक्रवार, 23 दिसंबर, 2022 को
तेलुगु हनुमान जयंती बुधवार, 25 मई, 2022
शनिवार, अप्रैल 16, 2022 उत्तर हनुमान जयंती

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श्री हनुमान जयंती पूजा मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 5-दिसंबर-2022 को 5:57 AM
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 6-दिसंबर-2022 को सुबह 6:46 बजे

जय बजरंग बली
भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं। वह भगवान रमण के बहुत बड़े भक्त हैं। रामानु ने कठोर ब्रह्मचर्य में हनुमंत की महानता के लिए रामायण में वर्णित हनुमंत को यह वरदान दिया था,

‘मैं तुम्हें एक असीमित वर दूंगा। मेरी तरह सभी आपका सम्मान और पूजा करते हैं। मेरे मन्दिर के द्वार पर सर्वप्रथम तेरी पूजा करने से तेरी मूर्ति की प्रतिष्ठा होती है। जब मैं अपनी कहानियाँ पढ़ता हूँ या अपनी महिमा गाता हूँ, तो तेरी महिमा मेरे सामने गाई जाती है। तुम वह कर सकोगे जो मैं नहीं कर सका!’

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हनुम्या जयंती अनुष्ठान (पूजा विधि)
भक्त इस दिन हनुमान चालीसा और हनुमान अष्टक का पाठ करते हैं। अधिकांश भक्त इस दिन व्रत रखते हैं। सुबह जल्दी उठकर स्नान करके लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें। फिर शांत मन से भगवान के कक्ष में जाएं और नमस्ते करें। पहले गणपति का स्मरण करें। इसके बाद हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय ‘ॐ श्री रामदूथा हनुमते नमः दीपं दर्पणयमी’ मंत्र का जाप करें।
फिर हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। इसके बाद सरसों का तेल, नारियल और 21 नारियल की माला चढ़ाएं। साथ ही लाल, केसरिया, पीले रंग के फूल सहित दशावला और गुलाब के फूल अर्पित करें।
नैवेद्य के रूप में लड्डू, বালেলু, পেরলে পুঁধি (फल) आदि बनाएं।
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। रामध्यान भी करें। हो सके तो इस दिन आंजनेय के मंदिर में जाकर सेवा करें।

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अंतिम अपडेट 23 नवंबर, 2022, दोपहर 1:37 बजे IST




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