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13 छक्के मारकर 89 मिनट तक बरपाया कहर, पाकिस्तान के कमाल के बल्लेबाज

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टेस्ट मैच की पहली पारी में वह केवल 37 रन ही बना सके थे, लेकिन दूसरी पारी में माजिद खान ने 89 मिनट तक बल्लेबाजी करके सेंध लगा दी। उनकी पारी में 13 छक्के शामिल थे, जिनमें से 5 छक्के एक ही ओवर में लगे।



TV9 भारतवर्ष | एडिटिंग : साकेत शर्मा



28 सितंबर, 2022, 11:14 AM IST





क्रिकेट में 89 गेंद खेलना कोई बड़ी बात नहीं है।  लेकिन, 89 मिनट तक बल्ले से बारिश करते रहना बड़ी बात है।  और, कुछ ऐसा ही 21 साल की उम्र में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान के किसी रिश्तेदार ने नहीं बल्कि एक चचेरे भाई ने किया था।  हम बात कर रहे हैं उनके चचेरे भाई माजिद खान की जो इमरान खान से बड़े हैं।  और, आज यह चर्चा इसलिए जरूरी है क्योंकि उनका जन्म 76 साल पहले साल 1946 में इसी दिन 28 सितंबर को हुआ था।

क्रिकेट में 89 गेंद खेलना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन, 89 मिनट तक बल्ले से बारिश करते रहना बड़ी बात है। और, कुछ ऐसा ही 21 साल की उम्र में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान के किसी रिश्तेदार ने नहीं बल्कि एक चचेरे भाई ने किया था। हम बात कर रहे हैं उनके चचेरे भाई माजिद खान की जो इमरान खान से बड़े हैं। और, आज यह चर्चा इसलिए जरूरी है क्योंकि उनका जन्म 76 साल पहले साल 1946 में इसी दिन 28 सितंबर को हुआ था।

1946 में भारतीय शहर लुधियाना में जन्मे माजिद 1967 में 21 साल के थे, जब इंग्लैंड का दौरा करने वाली पाकिस्तान टीम ने वहां काउंटी टीम ग्लैमरगन के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था।  माजिद को भी उस पाकिस्तानी टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था।

1946 में भारतीय शहर लुधियाना में जन्मे माजिद 1967 में 21 साल के थे, जब इंग्लैंड का दौरा करने वाली पाकिस्तान टीम ने वहां काउंटी टीम ग्लैमरगन के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था। माजिद को भी उस पाकिस्तानी टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था।

अगस्त 1967 में पाकिस्तान और ग्लैमरगन के बीच खेला गया मैच ड्रॉ रहा, जिसमें माजिद खान की भूमिका अहम थी।  पहली पारी में वह 37 रन ही बना सके लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने 89 मिनट तक बल्लेबाजी की।  उस मैच की दूसरी पारी में माजिद ने 89 मिनट में 13 छक्कों और 10 चौकों की मदद से 147 रन बनाए थे.  इस पारी में माजिद ने सिर्फ एक ओवर में 5 छक्के लगाए।

अगस्त 1967 में पाकिस्तान और ग्लैमरगन के बीच खेला गया मैच ड्रॉ रहा, जिसमें माजिद खान की भूमिका अहम थी। पहली पारी में वह 37 रन ही बना सके लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने 89 मिनट तक बल्लेबाजी की। उस मैच की दूसरी पारी में माजिद ने 89 मिनट में 13 छक्कों और 10 चौकों की मदद से 147 रन बनाए थे. इस पारी में माजिद ने सिर्फ एक ओवर में 5 छक्के लगाए।

माजिद खान भी अपने पिता जहांगीर खान की तरह तेज गेंदबाज बनना चाहते थे।  लेकिन पीठ की चोट ने उनके इरादे को पूरा नहीं होने दिया।  और वह एक ऐसे बल्लेबाज बने रहे जो थोड़ी बहुत ऑफ स्पिन भी करते थे।

माजिद खान भी अपने पिता जहांगीर खान की तरह तेज गेंदबाज बनना चाहते थे। लेकिन पीठ की चोट ने उनके इरादे को पूरा नहीं होने दिया। और वह एक ऐसे बल्लेबाज बने रहे जो थोड़ी बहुत ऑफ स्पिन भी करते थे।

माजिद खान पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान के चचेरे भाई हैं।  कहा जाता है कि जब इमरान पाकिस्तान के कप्तान बने तो माजिद को टीम से बाहर करने में उनकी बड़ी भूमिका थी।  इस वजह से दोनों के रिश्ते में भी खटास आ गई।

माजिद खान पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान के चचेरे भाई हैं। कहा जाता है कि जब इमरान पाकिस्तान के कप्तान बने तो माजिद को टीम से बाहर करने में उनकी बड़ी भूमिका थी। इस वजह से दोनों के रिश्ते में भी खटास आ गई।

1970 में विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुने गए माजिद खान ने पाकिस्तान के लिए खेले गए 63 टेस्ट मैचों में 38.92 की औसत से 4000 के करीब रन बनाए हैं।  उन्होंने पाकिस्तान के लिए 23 एकदिवसीय मैच भी खेले जहां उन्होंने 786 रन बनाए।  क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद माजिद आईसीसी के मैच रेफरी भी थे।  इसके अलावा वह पीसीबी के सीईओ की भूमिका में भी नजर आए।  (एएफपी/ट्विटर)

1970 में विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुने गए माजिद खान ने पाकिस्तान के लिए खेले गए 63 टेस्ट मैचों में 38.92 की औसत से 4000 के करीब रन बनाए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 23 एकदिवसीय मैच भी खेले जहां उन्होंने 786 रन बनाए। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद माजिद आईसीसी के मैच रेफरी भी थे। इसके अलावा वह पीसीबी के सीईओ की भूमिका में भी नजर आए। (एएफपी/ट्विटर)


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